Thursday, May 26, 2011

महिलायें भी सीखेंगी कम्प्यूटर

आने वाले एक महीने के अंदर बिहार सरकार राज्य की महिलाओं को कम्प्यूटर साक्षर बनाने हेतु विशेष योजना की शुरुआत करेगी। इस आशय की जानकारी राज्य के सूचना एवं प्रावैधिकी विभाग के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिन्हा ने बिहार इन्डस्ट्रीज एसोसिएशन और टाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक विशेष कार्यशाला में दी।

इन्होंने बताया कि सूबे में इन्डस्ट्रीयल पालिसी जारी होने के साथ ही आईटी पालिसी की भी घोषणा की जायेगी। इस घोषणा के तहत सूबे के हरेक परिवार की एक महिला को कम्प्यूटर की जानकारी दी जायेगी। इसके अलावा सूबे के सभी स्कूलों और कालेजों में कम्प्यूटर शिक्षा को अनिवार्य बनाया जायेगा। इन्होंने यह भी बताया कि बिहार में सूचना एवं प्रावैधिकी संबंधी कार्यकलाप 4 साल पहले शुरु हुआ। इन चार वर्षों में बिहार ने अपेक्षाकृत अधिक तरक्की की है। इस दौरान ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में बिहार ने सराहनीय सफ़लता हासिल की है। सूबे में आईटी उद्योग के लिये अनुकूल संभावनायें हैं। इन संभावनाओं को मजबूत करने के लिये राज्य सरकार सूबे के युवाओं को गूणवत्ता युक्त कम्प्यूटर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने हेतु प्रतिबद्ध है।

इससे पहले अपने संबोधन में विभागीय मंत्री शाहिद अली खान ने बताया कि सूबे में स्वतंत्र आईटी विभाग की स्थापना वर्ष 2008 में हुई। कम समय में विभाग ने अनेक कार्यकर्मों की शुरुआत हुई। हालांकि इन्होंने अफ़सोस जताते हुए कहा कि असीम संभावनाओं के बावजूद अभीतक इस क्षेत्र में बहुत कुछ नहीं किया जा सका है। संभावना व्यक्त करते हुए इन्होने कहा कि नई पालिसी आ जाने से सूबे के आईटी उद्योग को नई गति मिलेगी। इस अवसर पर टाई के प्रदेश अध्य्क्ष पी के सिन्हा ने कहा कि देश और विदेश के लोगों की निगाह में बिहार एक असीम संभावनाओं वाला राज्य बनकर उभरा है। यह सुखद संकेत है। इन्होंने राज्य सरकार से उम्मीद जताते हुए कहा कि सरकार सूबे के आईटी उद्यमियों की तकलीफ़ को समझेगी और सबकी बेहतरी के लिये बेहतर आईटी पालिसी जारी करेगी। इस अवसर पर बीआईए के अध्यक्ष एस पी सिन्हा, उपाध्यक्ष एस पटवारी, पूर्व अध्यक्ष केपीएस केसरी, रत्नाकर मिश्रा,, संजय गोयनका सहित बड़ी संख्या में गणमान्य उपस्थित थे।

No comments:

Post a Comment